September 08, 2026

फैटी लिवर: शरीर का वह अलार्म जिसे नजरअंदाज न करें

फैटी लिवर: शरीर का वह अलार्म जिसे नजरअंदाज न करें

अलीगढ़  - बदलती जीवनशैली, बढ़ता मोटापा और खान-पान की गलत आदतों का असर हमारे लिवर पर भी पड़ रहा है। आजकल कई लोगों में जांच के दौरान लिवर में फैट जमा होने की समस्या सामने आ रही है, जिसे फैटी लिवर कहा जाता है। अक्सर लोग इसे सामान्य समस्या मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन कुछ मामलों में यह आगे चलकर लिवर में सूजन, फाइब्रोसिस और सिरोसिस जैसी गंभीर समस्या का कारण बन सकता है। 


मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, साकेत के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी विभाग के डायरेक्टर डॉ. पंकज सिंह ने बताया, “फैटी लिवर का संबंध अक्सर मोटापा, पेट की चर्बी, डायबिटीज, बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल और कम शारीरिक गतिविधि से होता है। शराब का सेवन भी लिवर में फैट बढ़ने का एक महत्वपूर्ण कारण है।” 


फैटी लिवर की सबसे बड़ी समस्या यह है कि शुरुआत में इसके कोई खास लक्षण नहीं होते। कई बार यह अल्ट्रासाउंड या ब्लड टेस्ट के दौरान अचानक पता चलता है। कुछ लोगों को थकान, कमजोरी या पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में भारीपन महसूस हो सकता है। इसलिए लक्षणों का इंतजार करने के बजाय समय पर जांच जरूरी है। 


हर फैटी लिवर गंभीर बीमारी में नहीं बदलता, लेकिन कुछ लोगों में लिवर में सूजन और धीरे-धीरे जख्म यानी फाइब्रोसिस हो सकता है। इसकी जांच के लिए डॉक्टर लिवर फंक्शन टेस्ट, अल्ट्रासाउंड या जरूरत पड़ने पर फाइब्रोस्कैन की सलाह दे सकते हैं। 


डॉ. पंकज ने बताया कि "फैटी लिवर से बचाव और इलाज में जीवनशैली में बदलाव सबसे जरूरी है। वजन अधिक होने पर धीरे-धीरे वजन कम करें, नियमित व्यायाम करें और लंबे समय तक बैठे रहने से बचें। मीठे पेय, ज्यादा चीनी, तला-भुना और प्रोसेस्ड खाना कम करें। भोजन में सब्जियां, फल, साबुत अनाज, दालें और पर्याप्त प्रोटीन शामिल करें।"

फैटी लिवर को नजरअंदाज न करें। समय पर जांच और सही जीवनशैली अपनाकर लिवर को गंभीर नुकसान से बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सकता है।