झज्जर: मैक्स हॉस्पिटल, शालीमार बाग के डॉक्टरों ने 53 वर्षीय महिला का सफल इलाज किया, जो गॉल ब्लैडर स्टोन्स (पित्त की पथरी) और पहले हुई सर्जरी के निशान वाली जगह पर बने इंसिज़नल हर्निया से पीड़ित थीं। डॉक्टरों ने एक ही सर्जरी के दौरान रोबोटिक तकनीक की मदद से गॉल ब्लैडर निकालने की सर्जरी (कोलेसिस्टेक्टॉमी) और हर्निया की मरम्मत की प्रक्रिया (आईपीओएम प्लस) की। इस प्रक्रिया में हर्निया के छेद को बंद करने के साथ एब्डोमिनल वॉल को मजबूत बनाने के लिए सर्जिकल मेश लगाया जाता है।
मरीज पिछले सात महीनों से अपच, पेट में दर्द और सूजन की शिकायत से परेशान थीं। मैक्स हॉस्पिटल, शालीमार बाग में विस्तृत जांच के बाद गॉल ब्लैडर में पथरी और पहले की सर्जरी के निशान वाली जगह पर इंसिज़नल हर्निया होने का पता चला। इस मामले में सर्जरी की सावधानीपूर्वक योजना बनाना जरूरी था, क्योंकि गॉल ब्लैडर और ओमेंटम के बीच चिपकाव था। ओमेंटम पेट के अंदरूनी अंगों को ढकने और उनकी सुरक्षा करने वाली फैटी टिशूस की लेयर होती है। इसके अलावा, हर्निया में छोटी आंत का एक हिस्सा भी बाहर की ओर उभरा हुआ था, जिसके कारण सर्जरी से पहले उसकी स्थिति का सावधानीपूर्वक आकलन करना आवश्यक था।
इस मामले पर बात करते हुए, मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, शालीमार बाग के जनरल सर्जरी, लैप्रोस्कोपिक/मिनिमल एक्सेस सर्जरी विभाग के सीनियर डायरेक्टर, डॉ. विश्वास शर्मा ने कहा “पित्त की पथरी और इंसिज़नल हर्निया का एक साथ इलाज करने के लिए सावधानीपूर्वक सर्जिकल योजना बनाना जरूरी होता है, खासकर तब, जब आसपास के टिशूस में चिपकाव हो और हर्निया में छोटी आंत का हिस्सा भी शामिल हो। इस मामले में हमारा उद्देश्य रोबोटिक तकनीक की मदद से मिनिमली इनवेसिव तरीके से एक ही सर्जरी के दौरान दोनों समस्याओं का इलाज करना था। इससे हम आसपास के अंगों और टिशूस की स्थिति का सावधानीपूर्वक आकलन करते हुए दोनों प्रक्रियाओं को व्यवस्थित तरीके से पूरा कर सके।
सर्जरी के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि मरीज का गॉल ब्लैडर फूला हुआ था और उसमें एक पथरी मौजूद थी। इसके साथ ही, पहले की सर्जरी के निशान वाली जगह पर लगभग 3 सेंटीमीटर का छेद था, जिससे छोटी आंत का एक हिस्सा बाहर की ओर उभर आया था। जांच में आंत स्वस्थ पाई गई और उसमें गैंग्रीन यानी टिशूस के सड़ने के कोई संकेत नहीं थे।
सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति में अच्छी तरह सुधार हुआ और उन्हें तीन दिनों के भीतर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
यह सफल उपचार मैक्स हॉस्पिटल, शालीमार बाग में एडवांस्ड सर्जिकल तकनीकों और समग्र मरीज देखभाल पर दिए जाने वाले जोर को दर्शाता है। उपयुक्त मरीजों में रोबोटिक तकनीक की मदद से एक ही सर्जरी के दौरान एक से अधिक समस्याओं का इलाज किया जा सकता है। हालांकि, उपचार का निर्णय मरीज की चिकित्सकीय स्थिति, जांच के निष्कर्षों और सर्जरी के दौरान सामने आने

















