This is default featured slide 1 title

Go to Blogger edit html and find these sentences.Now replace these sentences with your own descriptions.This theme is Bloggerized by Lasantha Bandara - Premiumbloggertemplates.com.

This is default featured slide 2 title

Go to Blogger edit html and find these sentences.Now replace these sentences with your own descriptions.This theme is Bloggerized by Lasantha Bandara - Premiumbloggertemplates.com.

This is default featured slide 3 title

Go to Blogger edit html and find these sentences.Now replace these sentences with your own descriptions.This theme is Bloggerized by Lasantha Bandara - Premiumbloggertemplates.com.

This is default featured slide 4 title

Go to Blogger edit html and find these sentences.Now replace these sentences with your own descriptions.This theme is Bloggerized by Lasantha Bandara - Premiumbloggertemplates.com.

This is default featured slide 5 title

Go to Blogger edit html and find these sentences.Now replace these sentences with your own descriptions.This theme is Bloggerized by Lasantha Bandara - Premiumbloggertemplates.com.

August 26, 2025

दिल को कमजोर बना रहा है आपका गुस्सा, नहीं किया कंट्रोल तो बढ़ जाएगा हार्ट अटैक का खतरा

दिल को कमजोर बना रहा है आपका गुस्सा, नहीं किया कंट्रोल तो बढ़ जाएगा हार्ट अटैक का खतरा

गुस्सा एक भावना है जो मानसिक स्वास्थ्य के साथ साथ  शारीरिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करती है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार गुस्सा हार्ट डिजीज के खतरे को बढ़ा सकता है। आइए जानते हैं कैसे दिल और पूरी सेहत के लिए हानिकारक है आपका गुस्सा।

 

हम सभी समय-समय पर अपनी भावनाएं जाहिर करते हैं। हम अक्सर हालात और व्यक्ति के मुताबिक अपनी फीलिंग्स जाहिर करते हैं। दुख-सुख और गुस्सा इन्हीं फीलिंग्स में से एक है, जिसका असर सिर्फ हमारी मेंटल हेल्थ पर ही नहीं, बल्कि फिजिकल हेल्थ पर भी पड़ता है। खासकर गुस्सा कई तरह से हमें प्रभावित करता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपका गुस्सा आपके दिल पर भी भारी पड़ सकता है।

 

जी हां, आपने सही सुना। गुस्सा करना आपके दिल को नुकसान पहुंच सकता है और इसकी वजह से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है। आइए आज इस आर्टिकल में तुलसी हेल्थकेयर नई दिल्ली में वरिष्ठ मनोचिकित्सक एवं सीईओ डॉ. गौरव गुप्ता से जानते हैं कैसे आपकी सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है आपका गुस्सा-

 

दिल पर भारी पड़ सकता है गुस्सा

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, गुस्से जैसी नेगेटिव फीलिंग हार्ट डिजीज के खतरे को बढ़ा सकती हैं। अब सवाल यह उठता है कि आखिर गुस्सा दिल को नुकसान कैसे पहुंचाता है? दरअसल, एड्रेनालाईन और कोर्टिसोल जैसे स्ट्रेस हार्मोन ब्लड प्रेशर, हार्ट रेट और खून जमने की प्रवृत्ति को बढ़ाते हैं, जो कमजोर व्यक्तियों में दिल के दौरे के लिए ट्रिगर का काम कर सकते हैं।

 

इसके अलावा साल 2022 की एक समीक्षा ने हजारों मरीजों पर किए गए कई अध्ययनों का विश्लेषण किया और यह पाया कि गुस्सा और डिप्रेशन सिर्फ हार्ट डिजीज के खतरे को बढ़ाते हैं, बल्कि दिल से जुडी बीमारियों के बाद रिकवरी को भी धीमा कर देते हैं।

 

गुस्से का सेहत पर असर

गुस्सा सिर्फ हार्ट हेल्थ पर ही नहीं, बल्कि आपको ओवरऑल हेल्थ पर भी बुरा असर डालता है। इसकी वजह से सेहत से जुड़ी अन्य कई समस्याएं भी होती हैं। आइए जानते हैं कैसे सेहत पर असर डालता है गुस्सा-

 

इम्यून सिस्टम पर असर

लगातार गुस्सा करने से आपकी इम्युनिटी भी कमजोर हो जाती है। कमजोर इम्यून सिस्टम होने के कारण शरीर संक्रमणों के प्रति ज्यादा संवेदनशील हो जाता है। इम्यूनोलॉजी में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक गुस्सा इम्यून सिस्टम को प्रभावित कर सकता है और यह गुस्से के कारण पर निर्भर करता है।

 

डाइजेस्टिव सिस्टम पर असर

स्ट्रेस हार्मोन आपके पाचन को भी खराब करते हैं, जिससे पेट दर्द, एसिड रिफ्लक्स या इरिटेबल बाउल सिंड्रोम हो सकता है। गैस्ट्रोएंटरोलॉजी में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार गुस्सा इरिटेबल बाउल सिंड्रोम में कोलन मोटर और मायोइलेक्ट्रिक एक्टिविटी को भी प्रभावित कर सकता है।

 

मांसपेशियों को भी होता है नुकसान

गुस्सा शरीर में बहुत ज्यादा तनाव पैदा कर सकता है। इसकी वजह से सिरदर्द, पीठ दर्द और अन्य मस्कुलोस्केलेटल समस्याओं की समस्या हो सकती है। न्यूरोस्पाइन में प्रकाशित एक अध्ययन में कहा गया है कि जिन लोगों को मीडियम से लेकर ज्यादा गुस्सा आता है, उन्हें पीठ और गर्दन में दर्द की समस्या का अनुभव हुआ है।

 

दिल पर असर

गुस्सा हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकता है, जिससे लंबे समय के लिए दिल से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। जब हम गुस्सा करते हैं, तो कैटेकोलामाइन नामक स्ट्रेस हार्मोन रिलीज होने लगता है। इससे हाई ब्लड प्रेशर और तेज दिल की धड़कन हो सकती है।

August 22, 2025

मैक्स हॉस्पिटल साकेत ने मथुरा में शुरू की ऑर्थोपेडिक्स और जॉइंट रिप्लेसमेंट की विशेष ओपीडी सेवाएं

मैक्स हॉस्पिटल साकेत ने मथुरा में शुरू की ऑर्थोपेडिक्स और जॉइंट रिप्लेसमेंट की विशेष ओपीडी सेवाएं

मथुरा. 22 अगस्त 2025: मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, साकेत ने मथुरा स्थित मैक्स पेशेंट असिस्टेंस सेंटर में ऑर्थोपेडिक्स और जॉइंट रिप्लेसमेंट की विशेष ओपीडी सेवाओं की शुरुआत की है। 


रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट के क्षेत्र में अग्रणी कार्य के लिए प्रसिद्ध मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, साकेत के रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट विभाग के चेयरमैन एवं चीफ़ डॉ. सुजॉय भट्टाचार्जी, अब मथुरा में प्रत्येक महीने के दूसरे शनिवार और चौथे रविवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक परामर्श के लिए उपलब्ध रहेंगे। 


भारत में ऑर्थोपेडिक्स और जॉइंट रिप्लेसमेंट तेजी से विकसित हो रहा क्षेत्र है, जो आर्थराइटिस, जॉइंट डिफोर्मिटीज़, स्पोर्ट्स इंजरी और उम्र से संबंधित समस्याओं का उपचार करता है। रोबोटिक तकनीक से होने वाली जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी अब और अधिक सटीक, कम दर्दनाक, कम हॉस्पिटल प्रवास वाली और तेज़ रिकवरी सुनिश्चित करती है। इन तकनीकों ने मरीजों की गतिशीलता और जीवन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार करते हुए नए मानक स्थापित किए हैं। 


डॉ. सुजॉय भट्टाचार्जी ने जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी के क्षेत्र में उत्कृष्ट परिणामों के साथ अहम बदलाव लाए हैं। आज मरीज सर्जरी के कुछ ही घंटों बाद स्वतंत्र रूप से चल पाते हैं और अधिकांश को अगले दिन ही हॉस्पिटल से छुट्टी मिल जाती है। 


लॉन्च के अवसर पर मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, साकेत के रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट विभाग के चेयरमैन एवं चीफ़ डॉ. सुजॉय भट्टाचार्जी ने कहा कि मथुरा में शुरू की गई यह नई ओपीडी सेवाएं शहर और आसपास के क्षेत्रों में एडवांस्ड आर्थोपेडिक देखभाल की बढ़ती ज़रूरतों को पूरा करेंगी। इससे मरीजों को विशेष परामर्श और सर्जिकल प्लानिंग की सुविधा सीधे उपलब्ध होगी। आज घुटने की रिप्लेसमेंट सर्जरी कराने वाले अधिकांश मरीज सर्जरी वाले दिन ही चलना शुरू कर देते हैं और 48 घंटों के भीतर घर जा सकते हैं। यह पारंपरिक तरीकों की तुलना में एक बड़ा बदलाव है और जीवन की गुणवत्ता में जबरदस्त सुधार लाता है। 


उन्होंने आगे कहा कि रोबोटिक तकनीक से जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी में अतुलनीय सटीकता, जटिलताओं में कमी और तेजी से स्वस्थ होने का लाभ मिलता है। मिनिमली-इनवेसिव तकनीक और रियल-टाइम इमेजिंग की मदद से अब हर मरीज की शारीरिक संरचना के अनुसार अत्यंत सटीक इम्प्लांट लगाए जा सकते हैं।” 


मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, साकेत लगातार अत्याधुनिक तकनीकों में निवेश कर रहा है, ताकि मरीजों को चिकित्सा विज्ञान की नवीनतम उपलब्धियों का लाभ मिल सके।

August 19, 2025

ग्रेटर नोएडा में यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल ने शुरू किया अत्याधुनिक स्पाइन एवं बैक पेन क्लिनिक

ग्रेटर नोएडा में यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल ने शुरू किया अत्याधुनिक स्पाइन एवं बैक पेन क्लिनिक

ग्रेटर नोएडा, 19 अगस्त 2025: यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, ओमेगा-1 (परी चौक के पास) ने सोमवार को स्पाइन और बैक पेन क्लिनिक की शुरुआत की। उद्घाटन प्रबंध निदेशक डॉ. कपिल त्यागी और सीओओ डॉ. सुनील बलियान ने किया। इस अवसर पर अस्पताल की न्यूरो साइंसेज़ टीम भी मौजूद रही।


यह क्लिनिक खासतौर पर उन मरीजों के लिए है जो लंबे समय से पीठ दर्द, कमर दर्द या रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहे हैं। यहां मरीजों को आधुनिक तकनीक और अनुभवी डॉक्टरों की देखरेख में बेहतर इलाज मिलेगा। क्लिनिक का संचालन विशेषज्ञ डॉक्टर – डॉ. सुमित गोयल, डॉ. राहुल शर्मा और डॉ. अक्षय शिरोडकर – करेंगे, जिन्हें न्यूरोसर्जरी, स्पाइन सर्जरी और पेन मैनेजमेंट में गहरा अनुभव है।


क्लिनिक का स्थान बेसमेंट-1, ओपीडी रूम नंबर 10 और 11, यथार्थ हॉस्पिटल, ओमेगा-1, ग्रेटर नोएडा रखा गया है। यहां मरीज हर दिन दोपहर 12:00 से 2:00 बजे तक परामर्श ले सकते हैं।


लॉन्चिंग अवसर पर अस्पताल ने मरीजों के लिए 20% की छूट की घोषणा की है। यह छूट ओपीडी कंसल्टेशन और विभिन्न जांचों (MRI व DEXA स्कैन सहित) पर मिलेगी। 


इस मौके पर डॉ. कपिल त्यागी ने कहा कि पीठ दर्द और रीढ़ की हड्डी की समस्याएँ आजकल बहुत आम हो गई हैं और अक्सर लोग इन्हें नज़रअंदाज़ कर देते हैं। इस क्लिनिक के माध्यम से अस्पताल मरीजों को आधुनिक और सुरक्षित इलाज उपलब्ध कराएगा। वहीं डॉ. सुनील बलियान ने बताया कि इस पहल से यथार्थ हॉस्पिटल की विशेष सेवाओं में एक और नया अध्याय जुड़ गया है और अब ग्रेटर नोएडा के लोगों को दूर जाने की जरूरत नहीं होगी।

विद्यामंदिर क्लासेस ने​ की वीआईक्यू 2025 घोषणा की, 100% स्कालरशिप और ₹2.5 करोड़ के नकद पुरस्कार जीतने का मौका

विद्यामंदिर क्लासेस ने​ की वीआईक्यू 2025 घोषणा की, 100% स्कालरशिप और ₹2.5 करोड़ के नकद पुरस्कार जीतने का मौका

आईआईटी-जेईई (मेंस एवं एडवांस्ड), नीट, बोर्ड्स और ओलंपियाड जैसी कॉम्पिटीटिव परीक्षाओं की कोचिंग में अग्रणी संस्था विद्यामंदिर क्लासेस (वीएमसी) ने अपने सबसे प्रतिष्ठित और बहुप्रतीक्षित टेस्ट विद्यामंदिर इंटेलेक्ट क्वेस्ट (​वीआईक्यू) 2025 की तारीखों की घोषणा कर दी है। यह टेस्ट 28 सितंबर, 5, 11, 12 और 26 अक्टूबर 2025 को विभिन्न स्लॉट्स में आयोजित किया जाएगा और कक्षा 5 से कक्षा 12 तक के छात्रों के लिए खुला रहेगा। 


यह टेस्ट ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों में उपलब्ध है और राष्ट्रीय स्तर पर छात्रों की पोटेंशियल और कॉम्पिटीटिव एग्जाम्स के लिए उनकी क्षमता को परखने का एक बेहतरीन मंच प्रदान करता है। इस वर्ष ​वीआईक्यू में रजिस्ट्रेशन पूरी तरह नि:शुल्क है, जिससे देशभर के छात्र इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं। 


विद्यामंदिर क्लासेस के संस्थापक संदीप मेहता (आईआईटी दिल्ली एलुमनस) ने बताया, “इस वर्ष का ​वीआईक्यू केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि छात्रों के लिए एक लॉन्चपैड है। जो छात्र समय रहते इसमें रजिस्ट्रेशन करते हैं, उन्हें कई विशेष लाभ मिलते हैं जो उनकी अकादमिक यात्रा को सशक्त बनाते हैं। इसमें ₹2.5 करोड़ तक के नकद पुरस्कार और 100% तक की स्कालरशिप शामिल हैं, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सभी के लिए सुलभ बनाया जा सके। इसके अतिरिक्त, अकादमिक ईयर  की सबसे कम फीस, मौजूदा कक्षा के लिए मुफ्त ऑफलाइन कक्षाएं और ई-स्टडी मटेरियल, नि:शुल्क अभ्यास टेस्ट और मॉक बोर्ड परीक्षा का लाभ उठा सकते हैं। सभी प्रतिभागियों को उनकी मेहनत और भागीदारी के लिए ई-सर्टिफिकेट भी प्रदान किया जाएगा।” 


इस वर्ष वीएमसी ने छात्रों के लिए अतिरिक्त विशेष लाभ भी पेश किए हैं। टॉप परफॉर्मर्स को पदक, ट्रॉफी और अन्य प्रशंसा पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा। साथ ही, उच्चतम प्रदर्शन करने वाले छात्रों को वीएमसी के प्रीमियम बैचेज़ — सिटाडेल ऑफ एक्सीलेंस (COE) और इल्युमिनाटी — में प्रवेश पाने का दुर्लभ अवसर भी मिलेगा, जो अपनी उच्च स्तरीय मेंटरशिप और अकादमिक गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध हैं। 


वीएमसी का हमेशा से उद्देश्य रहा है छात्रों को समग्र तैयारी के लिए प्रामाणिक पद्धति, कठोर परीक्षण और समर्पित मार्गदर्शन देना। ​वीआईक्यू इसी दृष्टिकोण को आगे बढ़ाता है—प्रतिभाशाली छात्रों की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ने का मंच प्रदान करता है। 


छात्र www.vidyamandir.comपर नि:शुल्क रजिस्ट्रेशन कर इन असाधारण लाभों और अवसरों का लाभ उठा सकते हैं।

​वीआईक्यू सिर्फ एक टेस्ट नहीं, यह अकादमिक उत्कृष्टता और भविष्य की सफलता की दिशा में पहला कदम है।