February 24, 2026

भारत में किडनी ट्रांसप्लांट को नई दिशा दे रही रोबोटिक सर्जरी

भारत में किडनी ट्रांसप्लांट को नई दिशा दे रही रोबोटिक सर्जरी


लखनऊ: किडनी ट्रांसप्लांट एंड-स्टेज रीनल डिजीज से पीड़ित मरीजों के लिए गोल्ड स्टैंडर्ड उपचार माना जाता है। परंपरागत रूप से ओपन सर्जरी लंबे समय से सफलतापूर्वक की जाती रही है और आज भी कई केंद्रों पर प्रचलित है। हालांकिओपन सर्जरी के साथ कई चुनौतियाँ जुड़ी होती हैंजैसे सर्जरी के बाद अधिक दर्दरिकवरी में अधिक समयकॉस्मेटिक परिणामों में कमीघाव में संक्रमण का खतराविशेषकर डायबिटीज और मोटापे से ग्रस्त मरीजों में।

 

मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटलसाकेत के यूरोलॉजीरीनल ट्रांसप्लांट एवं रोबोटिक्सयूरो-ऑन्कोलॉजी विभाग के चेयरमैन डॉ. अनंत कुमार ने बताया “इन समस्याओं को कम करने के लिए हाल के वर्षों में रोबोटिक प्लेटफॉर्म पर आधारित मिनिमली इनवेसिव सर्जरी तकनीक दुनिया भर में तेजी से स्थापित हो रही है। हम देश के उन चुनिंदा केंद्रों में से हैं जिन्होंने पिछले कुछ वर्षों में इस तकनीक को अपनाया हैताकि वैश्विक मानकों के अनुरूप मरीजों को अत्याधुनिक उपचार उपलब्ध कराया जा सके। रोबोटिक तकनीक सर्जन को बेहतर 3D विज़न प्रदान करती है और छोटी चीरा (इंसिजन) के माध्यम से सर्जरी करने की सुविधा देती है। इसका परिणाम यह होता है कि मरीजों को कम दर्द होता है और वे तेजी से स्वस्थ होकर सामान्य जीवन में लौट पाते हैं। रोबोटिक ट्रांसप्लांट में लिंफ फ्लूड के जमा होने (लिंफोसील) की संभावना भी लगभग नगण्य होती है।

 

डॉ. अनंत ने आगे बताया “हालांकि रोबोटिक ट्रांसप्लांट में ऑपरेशन का समय ओपन सर्जरी की तुलना में थोड़ा अधिक हो सकता हैलेकिन इसके लाभ संभावित जोखिमों से कहीं अधिक हैं। अस्पताल में रहने की अवधि लगभग ओपन ट्रांसप्लांट के समान ही रहती है। अधिकांश मामलों में किडनी का कार्य तुरंत शुरू हो जाता है और पेशाब की मात्रा अच्छी रहती है। हमारे कुछ मरीजों में छाती का संक्रमण और एक मरीज में किडनी रिजेक्शन देखा गयाजो रोबोटिक तकनीक से संबंधित नहीं थे और ओपन सर्जरी में भी हो सकते हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी भी मरीज में जानलेवा जटिलता नहीं देखी गई और अधिकांश मरीज अगले ही दिन चलने-फिरने लगे तथा सामान्य आहार लेने लगे। कम दर्द के कारण वे जल्दी ही अपनी दिनचर्या में लौट आए। कॉस्मेटिक परिणाम ओपन सर्जरी की तुलना में कहीं बेहतर और लगभग अतुलनीय हैं।

 

रोबोटिक सर्जरी की प्रमुख सीमा इसकी लागत हैक्योंकि यह ओपन ट्रांसप्लांट की तुलना में अधिक महंगी होती है। फिर भीविशेषकर मोटापे से ग्रस्त मरीजों में जहां घाव से जुड़ी जटिलताएँ लगभग सामान्य होती हैंरोबोटिक सर्जरी एक बड़ी राहत साबित हो रही है। मैक्स में हम नियमित रूप से इस प्रकार की रोबोटिक किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरी कर रहे हैं और मरीजों को सुरक्षित आधुनिक उपचार उपलब्ध करा रहे हैं।